Saturday, June 30, 2018

BEWAFAAYI SHAYARI

                                          BEWAFAAYI SHAYARI

{ये सनम प्यार मत करना :
हो जाये तो इंकार मत करना :
निभा सके तो तो निभा देना :
लेकिन किसी की जिंदगी बर्बाद मत करना }
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{आज हम उनको बेवफा बता कर आये है :
उनके खेतो में पानी बहा कर आये है :
कोई निकाल नाँले उन्हें पानी से :
इसलिए पानी में भी आग लगा कर आये है }
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{किसी को इश्क की अच्छाई ने मार डाला :
किसी को इश्क की गहराई ने मार डाला :
करके इश्क कोइन न बच सका :
जो बच उसे तन्हाई ने मार डाला }
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{देख कर नसीब तकदीर रोने लगी :
लहू के अल्फाज देख कर तहरीर रोने लगी :
हिज्र के दीवानो की हालत कुछ ऐसी हुई :
सूरत को देख कर तस्वीर रोने लगी }
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{बेवफा तेरा मासूम चेहरा :
                       भूल जाने के काबिल नहीं :
है मगर तू बहुत खूबसूरत :
                        पर दिल लगाने के काबिल नहीं }
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तुमने क्या न याद हमे भूल कर भी कभी 
पर हमने तुम्हारी याद में सब कुछ भुला दिया 
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कुछ तो मजबूरिया रही होंगी 
यूं कोई बेवफा नहीं होता 
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इश्क़ में गैरते ज़ज़्बात ने न रोने दिए 
वर्ना क्या बात थी किस बात ने न रोने दिया 
आप कहती थी रोने से न बदलेगा नसीब 
उम्र भर इस बात ने न रोने दिए 
रोने वालो से कहो उनका भी रोना रो ले जिनको मजबूरी ए हालत ने न रोने दिया 
तुमसे मिल कर हमें रोना था बहुत रोना था 
पर तँगिये हालात ने न रोने दिया 
एक दो रोज़ का सदमा हो तो रो ले फ़कीर 
पर हमको सदमात ने न रोने दिया 
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बेवफा तेरी बेवफाई से हम जमाना भूल गए 
तेरी बेवफाई ने हम पर ऐसा कहर  डाला 
कम्ब्खत  साँस लेना तो छोडो 
हम खुद से जेना भूल गए 
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