Monday, July 16, 2018

latest shayari jindagi

Latest shayari 

उतर कर के देख मेरी चाहत की गहराई को ;
सोचना मेरे बारे में रात की तन्हाई को;
अगर हो जाए मेरी चाहत का अहसास तुझे ;
मिलेगा मेरा अक्श तुम्हे अपनी परछाई में :
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चेहरे की हंसी से गम को भुला दो ;
कम बोलो पर सब को बता दो ;
खुद न रूठो पर सब को हंसा दो ;
यही राज है जिंदगी का ;
जिओ और जीना सीखा दो :
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मे तुम्हे गुलाब क्या दू वो तो ;
                पल भर में बिखर जायेगा ;
अगर लेना है तो दिल लेलो ;
              जो हर धड़कन से साथ ;
तेरा नाम गुनगुनाएगा :
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जिंदगी की राहो में बहुत से यार मिलेंगे ;
हम क्या हम से अच्छे हज़ार मिलेंगे ;
इन अच्छा की भीड़ में हमें न भुला देना ;
हम कहा आपको बार बार मिलेंगे :
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हंस कर जीना 
                      दस्तूर है जिंदगी का ;
एक यही किस्सा 
                         मशहूर है जिंदगी का ;
बीते हुए पल 
                   कभी लौट कर नहीं आते ;
यही सबसे बड़ा 
                        कसूर है जिंदगी का :

                

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